types of resistor in hindi , प्रतिरोधक के प्रकार

types of resistor

types of resistor – प्रतिरोधक (Resistors) – इलेक्ट्रानिक परिपथ में उपयोग होने वाला निष्क्रिय (Passive) घटक है। प्रतिरोध की इकाई ओह्म (प्रतिरोध) है। परिपथ में प्रतिरोधक का उपयोग धारा को सीमित करने या वोल्टता पतन (IR) करने के लिए किया जाता है। प्रतिरोधक का शक्ति निर्धारण (rating) 0.1W से सैकड़ों वॉट तक हो सकता है।

प्रतिरोधक पाँच प्रकार के होते है।

application
  1. तार-कुंडलित प्रतिरोधक (Wire wound resistors)
  2. कार्बन संयोजन प्रतिरोधक (Carbon composition resistors)
  3. धातु फिल्म प्रतिरोधक (Metal film resistors)
  4. कार्बन फिल्म प्रतिरोधक (Carbon film resistors)
  5. विशेष प्रतिरोधक (Special resistors)

Table of Contents

तार-कुंडलित प्रतिरोधक (Wire wound resistors)- types of resistor

nichrome resistor
nichrome resistor

तार की लपेटन से बने प्रतिरोधकों को सेरेमिक, पोर्सलिन ,बैकलाइट ,दबे पेपर जैसे कुचालक कोर के चारों तरफ नाइक्रोम तार को लपेटकर बनाए जाते हैं, इस प्रतिरोधक का उपयोग उच्च करंट वाले परिपथ में किया जाता है। यह 1 वॉट से 100 वॉट या अधिक में निर्धारित किए जाते हैं,इनका प्रतिरोध मान एक या इससे कम से लेकर अनेक हजार ओम तक होता है, यह परिशुद्ध माप हेतु भी उपयोग किए जाते हैं।

इन्हें गलनीय प्रतिरोध भी करते हैं इनको ऐसे डिजाइन किया जाता है कि निश्चित सीमा से अधिक धारा का प्रवाह हो तो परिपथ खुल जाए ।

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कार्बन संयोजन प्रतिरोधक (Carbon composition resistors)

Carbon composition resistors
Carbon composition resistors

कार्बन प्रतिरोधक कार्बन और ग्रेफाइट के पेस्ट से बनाए जाते हैं, इसमें प्रतिरोध को परिपथ में जोड़ने के लिए तांबे की तार का प्रयोग किया जाता है। ये सामान्यतःएक ओहम से 22 मेगा ओम तक तथा 0.1 वाट से 2 वॉट तक बनाए जाते हैं ।

कार्बन प्रतिरोधक के फायदे –

ये छोटे और सस्ते होते हैं। इनका प्रतिरोध मूल्य स्थिर होता है।

कार्बन प्रतिरोधों के कुछ नुकसान हैं-

ये उच्च शक्ति के अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इनका प्रतिरोध मूल्य तापमान के साथ बदल सकता है।

धातु फिल्म प्रतिरोधक (Metal film resistors)

धातु फिल्म प्रतिरोधक दो प्रकार से बनाए जाते हैं। 1.मोटी फिल्म प्रतिरोधक 2.पतली फिल्म प्रतिरोधक

धातु मोटी फिल्म प्रतिरोधक

मोटी फिल्म प्रतिरोधक का निर्माण धातु चूर्ण को कांच के चूर्ण में मिलाकर सिरेमिक के आधार पर पका कर किया जाता है।

धातु पतली फिल्म प्रतिरोधक

पतले फिल्म प्रतिरोधक का निर्माण सेरेमिक के आधार पर धातु की वाष्प की परत जमा कर किया जाता है।

ये 1ओहम से 10 मेगा ओहम तक 1 kw मे मिलते है ।

इनकी ताप सहनसीमा 120 – 175 डिग्री सेल्सियस तक होती है ।

धातु फिल्म प्रतिरोधों के कुछ फायदे हैं-

सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं । ये विभिन्न प्रतिरोध मूल्यों में उपलब्ध हैं । ये उच्च शक्ति के अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त हैं।

कार्बन फिल्म प्रतिरोधक (Carbon film resistors)types of resistor

कार्बन फिल्म प्रतिरोधक का निर्माण सेरेमिक के आधार पर कार्बन की परत जमा कर किया जाता है। ये 1ओहम से 10 मेगा ओहम तक 1 kw मे मिलते है ।

इनकी ताप सहनसीमा 85-155 डिग्री सेल्सियस तक होती है ।

कार्य के आधार पर प्रतिरोधक का वर्गिकरण types of resistor

कार्य के आधार पर प्रतिरोधकों को 2 भागो मे विभाजित किया जाता है ।

  1. स्थिर मान प्रतिरोधक
  2. परिवर्ती मान प्रतिरोधक

स्थिर मान प्रतिरोधक

इस प्रकार के प्रतिरोधक का मान सदेव स्थिर रहता है, ओर आवश्यकता के अनुसार बदलने की सुविधा इनमे नहीं होती है । जैसे – कार्बन प्रतिरोधक

परिवर्ती मान प्रतिरोधक

इस प्रकार के प्रतिरोधक को बनाते समय इस प्रकार डिजाइन किया जाता है , कि एक निश्चितमान के भीतर प्रतिरोध का मान घटाया ओर बढ़ाया जा सकता है । जैसे – रिहोस्टेट

रंग कोड के आधार पर प्रतिरोधकों का वर्गिकरण

चार-रंग प्रतिरोधक

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चार-रंग प्रतिरोधक: इन प्रतिरोधकों में चार रंगीन पट्टिया होती हैं। पहली पट्टी प्रतिरोधक के मान का पहला अंक दर्शाती है, दूसरी पट्टी प्रतिरोधक के मान का दूसरा अंक दर्शाती है, तीसरी पट्टी प्रतिरोधक के मान की दशमलव स्थिति दर्शाती है, और चौथी पट्टी प्रतिरोधक की सहनशीलता दर्शाती है।

पांच-रंग प्रतिरोधक

पांच-रंग प्रतिरोधक – इन प्रतिरोधकों में पांच रंगीन पट्टिया होती हैं। पहली पट्टी प्रतिरोधक के मान का पहला अंक दर्शाती है, दूसरी पट्टी प्रतिरोधक के मान का दूसरा अंक दर्शाती है, तीसरी पट्टी प्रतिरोधक के मान की दशमलव स्थिति दर्शाती है, चौथी पट्टी प्रतिरोधक की गुणवत्ता कारक दर्शाती है, और पांचवीं पट्टी प्रतिरोधक की सहनशीलता दर्शाती है।

विशेष प्रतिरोधक (Special resistors)

प्रतिरोध प्रकाश , वोल्टेज , ओर तापमान के बदलने पर प्रभावित होता हैं , इस सिधान्त को ध्यान मे रखकर कुछ विशेष प्रयोजनों हेतु कुछ विशेष प्रतिरोधक बनाए जाते है , जो विशेष प्रतिरोधक कहलाते है । जैसे – PTC , NTC , LDR , VDR आदि ।

NTC – negative temperature coefficient – ऋणात्मक ताप गुणांक वाला प्रतिरोधक

negative temperature coefficient – ऋणात्मक ताप गुणांक वाला प्रतिरोधक , इस प्रतिरोधक का गुण होता है की जैसे जैसे परिपथ का तापमान बढ़ता है ,प्रतिरोधक का प्रतिरोध रेखीय रूप से घटता है । इनका उपयोग तापमान के आधार पर स्विचन हेतु ओर ताप प्रतिकारक (compensator) मे किया जाता है ।

PTC – positive temperature coefficient – धनात्मक ताप गुणांक वाला प्रतिरोधक

PTC – positive temperature coefficient – धनात्मक ताप गुणांक वाला प्रतिरोधक, इस प्रतिरोधक का गुण होता है की जैसे जैसे परिपथ का तापमान बढ़ता है ,प्रतिरोधक का प्रतिरोध रेखीय रूप से बढ़ता है । इनका उपयोग भी तापमान के आधार पर स्विचन हेतु ओर ताप प्रतिकारक (compensator) मे किया जाता है ।

VDR (Varistors) Voltage Depended Resistor

VDR (Varistors) Voltage Depended Resistor – वोल्टता आधारित प्रतिरोधक , इस प्रकार के प्रतिरोधक का प्रतिरोध वोल्टेज पर निर्भर रहता है , वीडीआर का प्रतिरोध वोल्टेज बढ्ने पर रेखीय रूप से घटता है । वीडीआर का उपयोग वोल्टता स्थिरीकरण , आर्क शमन ओर अति वोल्टता रक्षण मे किया जाता है ।

LDR Depended Resistor

LDR Depended Resistor- प्रकाश आधारित प्रतिरोधक , इस प्रकार के प्रतिरोधक का प्रतिरोध प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर रहता है , एलडीआर का प्रतिरोध प्रकाश की तीव्रता बढ्ने पर घटता है । इनका प्रयोग प्रकाश की तीव्रता मापने मे किया जाता है ।

प्रतिरोधकों का उपयोग

प्रतिरोधकों का उपयोग विद्युत परिपथों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है, –

धारा को सीमित करना

धारा को सीमित करना– प्रतिरोधक विद्युत धारा को सीमित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। उदाहरण के लिए एलईडी बल्ब में एक प्रतिरोधक होता है जो धारा को सीमित करता है और बल्ब को फ्यूज होने से रोकता है।

वोल्टता को विभाजित करना

प्रतिरोधक वोल्टता को विभाजित करने के लिए भी उपयोग किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, एक वोल्टमीटर में एक प्रतिरोधक होता है जो वोल्टेज को विभाजित कर देता है ओर वोल्टमीटर में मापा जाने वाले वोल्टेज को सीमित करता है।types of resistor

प्रतिरोधक विद्युत परिपथों में महत्वपूर्ण घटक हैं। वे आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के आकार, आकार, और सामग्री में उपलब्ध हैं, और विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।

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